Environmental Information System (ENVIS) - पर्यावरण जानकारी प्रणाली केंद्र

 

पर्यावरण जानकारी प्रणाली केंद्र, यह वन और पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रकल्प है। ऐसे ७८ विभिन्न पर्यावर्णीय विषयपर समर्पित केंद्रों का जाल पूरे देश में फ़ैला हुआ है जिसका मध्यवर्ती केंद्र - भारत सरकार, नई दिल्ली में अस्थापित है। यह मध्यवर्ती केंद्र - INFOTERRA (International Information System on Environment - जागतिक पर्यावरण जानकारी प्रणाली), इस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण संरक्षण विभाग के पर्यावरण जानकारी पर निगरानी करनेवाले प्रादेशिक केंद्र के रुप में कार्यरत है।

 

बीएनएचएस पर्यावरण जानकारी प्रणाली केंद्र

बीएनएचएस जानकारी प्रणाली केंद्र यह भारत के पक्षी अभ्यास के मध्यवर्ती केंद्र के रुप में कार्यरत है। डॉ. सालिम अली की  जन्मशताब्दी के सुवर्ण अवसर पर १९९६ मे भारत सरकार ने बीएनएचएस का पक्षी परिस्थितिकी इस विषय के लिए पर्यावरण जानकारी प्रणाली केंद्र के रुप में चयन किया। इस केंद्र का उद्घाटन श्री. एन. आर. कृष्णन, सचिव, वन और पर्यावरण मंत्रालय, इन्होंने १८ जून १९९६ में किया।

डॉ. सालिम अली जैसे महान विभूती के रुप मे बीएनएचएस की पहचान नीचे दिए हुए उदाहरणों से सिध्द होती है।

१. डॉ. सलिम अली द्वारा की गई भारतीय पक्षी और निसर्ग संवर्धन इस विषयों के अभ्यास के प्रवर्तक के रुप में उभरना।

२. उनकी पक्षी अभ्यासपर की सर्वोत्कृष्ट पुस्तिका ’बुक ऑफ़ इंडियन बर्डस़’|

३. ’हँड्बुक ऑफ़ बर्ड्स़ ऑफ़ इंडिया अँड पाकिस्तान’ इस विषयपर  डॉ. एस. डी. रिप्ली इनके साथ प्रकाशित की गई किताबें।

 

इसी कारण पक्षी परिस्थितिकी इस विषयपर बीएनएचएस का किया गया चयन समझा जा सकता है, कारण इस संस्था की पहचान किसी न किसी वजह से पक्षी, प्रकृती विज्ञान और निसर्ग संवर्धन इन विषयों से हमेशा जुडी रहती है। इस संस्था का और एक महत्वपूर्ण वैशिष्ट है, इसका अग्रगण्य वार्तापत्र ’जर्नल ऑफ़ बॉम्बे नॅच्युरल हिस्ट्री सोसायटी’ जो सन १८८६ से भारतीय उपखंडकी 'पारिस्थितिक' इस विषयपर अविरत प्रकाशित किया जाता है। इसके सिवाय संस्था का भव्य और सुसज्ज ग्रंथालय, वैज्ञानिक प्रकाशनों का भांडार एवं विविध प्रजातीयों के प्रारुपों का संग्रह, जिनमे से कुछ बहुत ही दुर्लभ और एक शतक से भी ज्यादा पुराने है, जो बीएनएचएस की अलग प्रतिमा बनाए हुए है। भारत के जैवविविधतापर काम करनेवाले अनुभवी वैज्ञानिकों की फ़ौज तो इसकी सबसे बडी सम्पत्ती मानी जाती है।

 

केंद्रका मुख्य उद्देश

केंद्रका मुख्य उद्देश है भारतीय पक्षीयोंपर जानकारी जमा करना, उसका संकलन करना, उसे एकत्रित करना और समाजके विविध स्तरीय, जैसे प्रशासकीय सेवा अधिकारी, योजना अधिकारी, संशोधक एवं अन्य लोगों तक पहुँचाना।

 

इतर उद्देश

१. प्रकाशित कि शास्त्रीय और अन्य साहित्य से पक्षी परिस्थितिकी इस विषय की संदर्भसूची बनाना।

२. पक्षी परिस्थितिकी इस विषयपर विविध जानकारी संग्रह विकसित करना।

३. पक्षी परिस्थितिकी इस विषयपर वार्तापत्र प्रकाशित करना।

४. पक्षी परिस्थितिकी इस विषयपर काम करनेवाले स्रोतोंकी जानकारी संकलित करना।

 

ब्युसेरॉस वार्तापत्र

बीएनएचएस जानकारी प्रणाली केंद्रके उद्घाटनपर अंक से इस वार्तापत्रको 'ब्युसेरॉस' यह नाम दिया गया। जिन्हे मालूम नहीं उनके लिए ’ब्युसेरॉस’ यह 'बडा भारतीय धनेश' इस पक्षी के शास्त्रीय नाम का प्रथम नाम है। बडा धनेश यह बीएनएचएस का बोधचिन्ह है और उसी के ’हॉर्नबिल’ इस अंग्रेजी नाम से पहले से ही एक वार्तापत्र प्रकाशित किया जाता है, उसी कारण इस शुभदायक पक्षी का शास्त्रीय नाम नए वार्तापत्र को देने का निर्णय लिया गया। आखिरकार धनेश पक्षी ही अलग नाम से बीएनएचएस से फ़िर जुड गया।

 

जानकारी संग्रह

संदर्भग्रंथ सूची

सारांश

राज्य और संघराज्यनिहाय पक्षियों की सूची

भारतीय विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी

भारतीय संकटग्रस्त पक्षी

महत्वपूर्ण पक्षी प्रदेश

 

 

 

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