|
राज्य
और संघराज्यनिहाय महत्वपूर्ण पक्षी
प्रदेशों की सूची
इस प्रकल्प के महत्वपूर्ण उद्देश:
१. वन्य
पक्षीयोंके भौगोलिक एवं नैसर्गिक अधिवासोंका
शोध करना।
२.
महत्वपूर्ण पक्षी
प्रदेशोंका एक व्यापक जाल
भारतभरमे निर्माण करना।
३. पक्षी
संवर्धन व्यवस्थापनोंके धोरणोंकि उचित
परिपालन होता है या नही यह देखना।
४. सभी
महत्वपूर्ण पक्षी अधिवासोंक दस्तऐवज बनाना।
५.
महत्वपूर्ण पक्षी प्रदेशोके बारेमे जनजागृती
उपक्रम चलाना।
महत्वपूर्ण पक्षी प्रदेशो के लिए जागतिक
मानदंड:
जो स्थान
निम्नलिखित मानदंड पार कर सकते है उन्हे
महत्वपूर्ण पक्षी प्रदेशों
कि मान्यता दि जाती
है।
ए १: जागतिक
संकटग्रस्त पक्षीयोंका अधिवास.
ए २:
मर्यादित क्षेत्र अधिवासके पक्षीयोंका वहांपे
पाया जाना।
ए ३:
परिस्थितिकीय मर्यादित प्रजातींयोंका पाया
जाना।
ए ४: किसी एक
जगह जमा हुए पक्षीयोंकि संख्या अगर
निम्नलिखित मानदंड पार कर सकते है ऐसे
क्षेत्र :
१. जैवभौगोलिक नमभूमी पक्षीयोंकि प्रजातीके
कुल संख्यामेसे अगर पक्षीयोंकि संख्या > १%
पायी जाती हो।
२. समुद्री अथवा जमीनीपरके पक्षीयोंकि
प्रजातीके कुल संख्यामेसे अगर पक्षीयोंकि
संख्या > १% पायी जाती हो।
३. किसी एक जगह जमा नियमितसे > २०,०००
पाणपक्षी अथवा > १०,००० समुद्र पक्षीयोंकि
एक या उससे ज्यादा प्रजातीयोंकि जोडियां पायी
जाती हो।
४. पहलेसेहि मालुम होनेवाली मर्यादित सीमा
पार करके पायी जानेवाली स्थलांतरित
पक्षीयोंकि लक्षणीय संख्या।
संदर्भ
Jhunjhunwala, S., A.R. Rahmani, F.
Ishtiaq, Z. Islam, (2001). The
Important Bird Areas Programme in India.
Buceros Vol. 6 (2): 50 pp.
|