|
|
|
|
|
|
भारतीय विशिष्ट क्षेत्रिय पक्षी |
|
|
विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षीयों कि सूची विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी जिस प्रजाती के पक्षी किसी एक विशिष्ट प्रदेश में विकसित होते हैं और जो उसी विशिष्ट भूभाग में ही मर्यादित रहते हैं उन पक्षीयों को विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी कहा जाता है। पुरातन काल से प्रजाती विकसित होने की घटना (उदा. स्थल, काल और समय) और उस प्रजाती के परिवेश के वातावरणीय घटकों को दिया जानेवाला प्रतिसाद यह विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी प्रजाती की उत्क्रांती में महत्वपूर्ण भुमिका निभाते है। दक्षिण आशिया में लगभग २१८ जाती के विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी पाए जाते है (रासमुस्सेन आणि अँडरटन, २००५)। झूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की तरफ़ से प्रकाशित की गई विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी इस पुस्तिका में ऐसे ५० पक्षियों के रिकार्ड दर्ज किए गए हैं। लेकिन बीएनएचएस के संशोधकों के अभ्यास से, कुल ७९ विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी उभर आए।
विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी होने के लिए जागतिक मानदंड १. किसी प्रजाती का सिर्फ़ भारत में पाया जाना। २. किसी प्रजाती के कुल संख्या में से बहुत ही बडी संख्या का भारत में पाया जाना। ३. विशिष्ट क्षेत्रीय द्विपसमूह के पक्षी - जो पक्षी सिर्फ़ अन्दमान और निकोबार द्विपसमूहों में ही पाए जाते हैं उन्हे बाकी प्रजातियों से अलग माना जाता है। ४. भटके हुए और संदिग्ध अभिलेख - जो पक्षी पहले कभी पाकिस्तान या नेपाल से भारत में आए थे या जो उन देशों में
विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी प्रदेश: भारत के नीचे दिए गए भूभागों में अधिकांश विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी पाए जाते हैं।
१. अन्दमान द्विपसमूह, २. आसाम का घासवाला प्रदेश, ३. मध्य भारत के वन प्रदेश, ४. पूर्व आंध्र प्रदेश, ५. निकोबार द्विपसमूह ६. दक्षिण का दख्खन पठार, ७. पश्चिम घाट, ८. पश्चिम हिमालय।
विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षी संवर्धन: विशिष्ट क्षेत्रीय पक्षियों का हमेशा किसी एक मर्यादित क्षेत्रीय भौगोलिक पंक्तियों में और छोटी संख्या में अस्तित्व होने से, उनका संरक्षण करना यह एक समय की जरुरत है। इन पक्षियों के ७९ में से १८ प्रजातियाँ संकटग्रस्त श्रेणी में आते हैं। १. लुप्त होने के समीप आए हुए - ३ २. लुप्त होने के मार्ग पर जा रहे - १ ३. लुप्त होने का धोखा होनेवाले - १४ ४. जिनके बारे में पूरी जानकारी नहीं - ३ ५. लगभग संकटग्रस्त - १३ ६. कम प्रयोजनवाले - २७ ७. जिनपर और संशोधन करने की आवश्यकता है - १६
|
|
© 2008 copyright @ bnhsenvis.nic.in |